आज दरगाहे अबुफज्लिलिल अब्बास मलवानी मलाड में 8:३० ऍम को ईद की नमाज़ के बाद मौलाना मौसूफ़ ने ईद के खुतबा दिया जिसमे उन्होंने फ़रमाया ३० दिन रोजा रखने के बाद ईद शुक्रिया का दिन वैसे तो ईद मोमीन के लिए एक हदीस में मिलता है के ईद उस दिन है जिस दिन कोई गुनाह न हो. ईद 'AWAD' से बना है जिसका मतलब return है अहले ब्येत के घर में जब ईद का दिन था. इमाम हुसैन (a.s) के कपडे जन्नत से आये थे. ईद की नमाज़ के बाद इमाम हसन (a.s) और इमाम हुसैन (a.s) ने अपने नाना यानी अल्लाह के नबी (स.अ.व् ) से फ़रमाया के सब के नाके (सवारी ) है हमारी सवारी नहीं है . अल्लाह के नबी (स.अ.v) अपने नवासे को अपने कंधे पर बिठाया और आदि ज़ुल्फ़ इमाम हसन (a.s) को दी और आदि ज़ुल्फ़ इमाम हुसैन (a.s) को दी . जब उन्होंने कहा के सब के नाके बोलते है , तू अल्लाह के नबी (स.अ.व् ) ने नाक...
MALWANI CHEHLUM JAMAT WELFARE SOCIETY is established in 1980. The purpose of committee is to oraganized Majis and procession in the remembrance of martyr Hazrat Imam Hussain (A.S).